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Unplugged ft. Pappu Yadav with Shubhankar Mishra

शुभंकर मिश्रा के साथ पप्पू यादव (Unplugged Podcast) ओरिजिनल प्लेटफार्म: यूट्यूब (शुभंकर मिश्रा चैनल) पब्लिशिंग डेट: 8 दिसंबर 2024 कैटेगरी: पॉडकास्ट / इन-डेप्थ इंटरव्यू मुख्य विषय: बिहार की राजनीति, राष्ट्रीय मुद्दे, लॉरेंस बिश्नोई विवाद, समाज सेवा और ओशो दर्शन। एक्जीक्यूटिव समरी (Key Takeaways) बाहुबली बनाम मसीहा: पप्पू यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आपराधिक और रंगदारी के मुकदमों को सिरे से खारिज किया और उन्हें राजनीतिक साजिश बताया। चैरिटी और करोड़ों का स्रोत: उन्होंने दावा किया कि 40 साल की सियासत में वे लगभग 80 करोड़ रुपये बांट चुके हैं। यह पैसा उन्हें अपने संपन्न परिवार, दोस्तों और अपनी करोड़ों की जमीनें बेचने से मिलता है। तेजस्वी यादव पर बेबाक बयान: लालू प्रसाद यादव को 'पिता तुल्य' मानने वाले पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को स्पष्ट रूप से एक "एवरेज इंसान" और सिर्फ 'लालू का बेटा' बताया। लॉरेंस बिश्नोई विवाद: उन्होंने साफ किया कि वे किसी माफिया से नहीं डरते। धमकियों को लेकर उन्होंने पूर्णिया पुलिस को...

Unplugged ft. Pappu Yadav with Shubhankar Mishra

शुभंकर मिश्रा के साथ पप्पू यादव (Unplugged Podcast)

ओरिजिनल प्लेटफार्म: यूट्यूब (शुभंकर मिश्रा चैनल)

पब्लिशिंग डेट: 8 दिसंबर 2024

कैटेगरी: पॉडकास्ट / इन-डेप्थ इंटरव्यू

मुख्य विषय: बिहार की राजनीति, राष्ट्रीय मुद्दे, लॉरेंस बिश्नोई विवाद, समाज सेवा और ओशो दर्शन।

एक्जीक्यूटिव समरी (Key Takeaways)

  • बाहुबली बनाम मसीहा: पप्पू यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आपराधिक और रंगदारी के मुकदमों को सिरे से खारिज किया और उन्हें राजनीतिक साजिश बताया।
  • चैरिटी और करोड़ों का स्रोत: उन्होंने दावा किया कि 40 साल की सियासत में वे लगभग 80 करोड़ रुपये बांट चुके हैं। यह पैसा उन्हें अपने संपन्न परिवार, दोस्तों और अपनी करोड़ों की जमीनें बेचने से मिलता है।
  • तेजस्वी यादव पर बेबाक बयान: लालू प्रसाद यादव को 'पिता तुल्य' मानने वाले पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को स्पष्ट रूप से एक "एवरेज इंसान" और सिर्फ 'लालू का बेटा' बताया।
  • लॉरेंस बिश्नोई विवाद: उन्होंने साफ किया कि वे किसी माफिया से नहीं डरते। धमकियों को लेकर उन्होंने पूर्णिया पुलिस को चुनौती दी कि वे धमकी देने वाले असली लोगों को पकड़ें, न कि इसे मजाक बनाएं।
  • धर्म और आडंबर: ओशो की फिलॉसफी को मानने वाले पप्पू यादव ने धार्मिक आडंबरों (जैसे दूध चढ़ाना या दिखावा करना) का विरोध किया और इंसानियत को ही सबसे बड़ा धर्म बताया।

मुख्य ट्रांसक्रिप्ट (The Core Transcript)

'पप्पू' नाम और बचपन की कहानी

शुभंकर मिश्रा ने पूछा कि उनका नाम राजेश रंजन से 'पप्पू' कैसे पड़ा। इस पर पप्पू यादव मुस्कुराते हुए बताते हैं कि "पप्पू" एक बहुत ही प्यारा शब्द है जिसमें बचपना, भावनाएं और निर्मलता छिपी है। उनकी मां और दुनिया उन्हें इसी नाम से बुलाती है। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके अंदर देश और समाज के लिए लड़ने का जज्बा था। आनंद मार्ग स्कूल के प्रोडक्ट होने के कारण, उनकी जिंदगी में आध्यात्मिकता (spirituality) शुरू से ही थी।

"पप्पू का मतलब है दुनिया के लिए जीना... दूसरों की खुशियां और मुस्कुराने का अवसर बनना।"

बाहुबली, रॉबिनहुड और मुकदमों का सच

जब उनसे 'बाहुबली' और 'रॉबिनहुड' के टैग और उन पर लगे 41 मुकदमों के बारे में पूछा गया, तो पप्पू यादव ने सख्ती से इनकार किया। उन्होंने साफ कहा कि उन पर लगे सारे केस राजनीतिक हैं—जैसे आंदोलन, रोड जाम और आचार संहिता के। उन्होंने सामने से चुनौती दी कि कोई उन पर एक भी रंगदारी (extortion) का केस साबित करके दिखाए।

"जिसको पैसे की कमी नहीं, वो रंगदारी क्यों मांगेगा? मैं लूट के लाता हूँ और भर देता हूँ, आपको क्या दिक्कत है?"

करोड़ों रुपये बांटने का राज़

सवाल पूछा गया कि वे हर दिन लाखों रुपये और अब तक लगभग 80 करोड़ से ज्यादा कैसे बांट चुके हैं। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि उनके पास 9000 एकड़ जमीन थी जिसमें से उन्होंने लगभग 8000 बीघा जमीन बांट दी। कोरोना और बिहार में बाढ़ के समय जब उनके पास लोगों को खिलाने के लिए पैसे नहीं थे, तो उन्होंने पटना और पूर्णिया की अपनी जमीन बेच दी। इसके अलावा, उनकी एक बहन अमेरिका में है, और उनका परिवार व दोस्त उनकी हमेशा आर्थिक मदद करते हैं।

लालू यादव, तेजस्वी और बिहार की राजनीति

राजनीति पर बात करते हुए, उन्होंने लालू प्रसाद यादव को अपना 'पिता तुल्य' बताया। हालाँकि, तेजस्वी यादव के बारे में उनका नज़रिया काफी अलग था। उन्होंने बिना किसी डर के कहा कि तेजस्वी यादव एक "एवरेज इंसान" हैं और उनकी पहचान सिर्फ लालू यादव के बेटे होने की है। उन्होंने यह भी कहा कि लालू यादव की सामाजिक न्याय की विचारधारा के असली उत्तराधिकारी वही हैं। एक खास बात यह रही कि उन्होंने बीजेपी नेता अमित शाह की इस बात के लिए तारीफ की कि उनके पास पार्टी को बढ़ाने का चाणक्य जैसा जुनून है।

"तेजस्वी जी एक एवरेज लोग हैं और लालू यादव के बेटे हैं, बस।"

लॉरेंस बिश्नोई और धमकियों का सच

लॉरेंस बिश्नोई से मिली धमकियों के सवाल पर पप्पू यादव थोड़े आक्रामक दिखे। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया था, बल्कि उनका मकसद सरकार को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाना था। धमकियों पर उन्होंने पुलिस को चुनौती दी कि उन्हें अलग-अलग देशों से 26 धमकी भरे कॉल आए, पर पुलिस उन असली अपराधियों को पकड़ने के बजाय इसे मजाक बता रही है।

"लॉरेंस बिश्नोई से पप्पू यादव नहीं डरते... मैं दुनिया में भगवान और इंसान के रेस्पेक्ट के अलावा धरती पर किसी से नहीं डरता।"

धर्म, आडंबर और इंसानियत (ओशो फिलॉसफी)

अंत में कांवड़ यात्रा, शिव पूजा और इस्लाम पर उनके पुराने बयानों को लेकर बहस हुई। पप्पू यादव ने ओशो और आनंद मार्ग की फिलॉसफी का हवाला देते हुए बताया कि किसी भी भगवान को दूध, सोना या चढ़ावे की जरूरत नहीं है। उन्होंने हर धर्म में फैले आडंबर (दिखावे) का विरोध किया। जब इस्लाम पर उनके बयान को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद था कि अगर लोग इस्लाम के असल आचरण (पैगंबर मोहम्मद की इंसानियत) को अपनाएंगे तो दुनिया खुद उस आचरण को फॉलो करेगी।

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